Inbox Uttarakhand featureUTTARAKHAND

चैत्र नवरात्रि 2022: कभी बच्ची तो कभी बुढ़िया बन जाती है ये देवी मां, जानिए इसका रहस्य

नवरात्र शुरू होते ही शक्तिपीठों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी है. श्रीनगर गढ़वाल में स्थित मां धारी देवी के मंदिर में श्रद्धालुओं का तांता लगा है.

श्रीनगर गढ़वाल: उत्तराखंड में देवी दुर्गा को अलग-अलग रूपों में पूजा जाता है. नवरात्र शुरू होते ही शक्तिपीठों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी है. श्रीनगर गढ़वाल में स्थित मां धारी देवी के मंदिर में श्रद्धालुओं का तांता लगा है. धारी देवी मंदिर कलियासौर गांव में अलकनंदा नदी के तट पर श्रीनगर और रूद्रप्रयाग के बीच स्थित है. धारी देवी को उत्तराखंड की संरक्षक देवी माना जाता है. इस मंदिर में केवल देवी के ऊपरी शरीर की पूजा की जाती है. किवदंती है कि एक भीषण बाण ने धारी देवी की मूर्ति को पानी में बहा दिया था. देवी की मूर्ति धारी गांव के पास एक चट्टान में फंस गई थी. वहां रहने वाले लोगों ने मूर्ति की जय-जयकार सुनी और दिव्य आवाज ने उन्हें मूर्ति में स्थापित करने का आदेश दिया. 

यह भी पढ़ें -  गुड न्यूज़: उत्तराखंड में 12वीं पास युवाओं के लिए इन पदों पर निकली भर्ती, 20 दिसंबर से पहले करें आवेदन

इस मंदिर के तथ्य के बारे कहा जा रहा है देवी की पत्थर की छवि एक लड़की से एक महिला के रूप में बदल जाती है और आखिरी में दिन बढऩे पर बूढ़ी औरत का रूप धारण कर लेेती है. यहां लोग दूर दराज से अपनी मनत मांगने आते हैं. शादी के बाद नवविवाहित जोड़े मां का आशीर्वाद लेने पहुंचते हैं. मंदिर मे सुबह शाम देवी की आरती होती है. नवरात्रों के मौके पर यहां भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं.  जो श्रद्धालु मां धारी से सच्चे दिल से मनोकामना मांगते हैं, उनकी मनोकामना जरूर पूरी होती है. मनोकामना पूरी होने पर श्रद्धालु मंदिर में घंटा चढ़ाते हैं. 

Back to top button