प्रतीक यादव को आज सुबह करीब 6:00 बजे लखनऊ के डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी सिविल अस्पताल ले जाया गया था। अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक के अनुसार, जब उन्हें लाया गया तब उनकी नब्ज नहीं चल रही थी और दिल की धड़कन रुक चुकी थी, जिसके बाद डॉक्टरों ने उन्हें ‘मृत घोषित’ (Brought Dead) कर दिया। प्रतीक यादव, जो अपनी फिटनेस के लिए जाने जाते थे, पिछले कुछ समय से अस्वस्थ बताए जा रहे थे। सूत्रों के अनुसार, उन्हें 30 अप्रैल को फेफड़ों से संबंधित गंभीर बीमारी के कारण लखनऊ के मेदांत अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहाँ से वे कुछ दिन पहले ही घर लौटे थे।
परिवार और राजनीतिक प्रतिक्रिया:
प्रतीक यादव की पत्नी और भाजपा नेता अपर्णा यादव, जो असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए गुवाहाटी में थीं, खबर मिलते ही लखनऊ के लिए रवाना हो गईं। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव सूचना मिलते ही सिविल अस्पताल पहुँचे। उन्होंने प्रतीक को एक “नेक इंसान” बताते हुए गहरा दुख व्यक्त किया और कहा कि वे कानूनी प्रक्रियाओं और परिवार की इच्छा के अनुसार आगे बढ़ेंगे। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक सहित विभिन्न दलों के नेताओं ने इस आकस्मिक निधन पर शोक संवेदनाएं व्यक्त की हैं।
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प्रतीक यादव के पार्थिव शरीर का पोस्टमार्टम KGMU (किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी) में डॉक्टरों के एक पैनल द्वारा वीडियोग्राफी के साये में संपन्न हो चुका है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सटीक कारणों का पता चल सकेगा। फिलहाल उनके पार्थिव शरीर को उनके लखनऊ स्थित आवास पर लाया गया है, जहाँ सांसद डिंपल यादव सहित परिवार के अन्य सदस्य और शुभचिंतक श्रद्धांजलि देने पहुँच रहे हैं।
















