UTTARAKHAND

फर्जी डॉक्टर बांग्लादेशी युवक गिरफ्तार, नकली दस्तावेज भी बरामद

ऑपरेशन ‘कालनेमि’ में दून पुलिस की बड़ी कामयाबी

देहरादून

देहरादून पुलिस ने रविवार को ऑपरेशन ‘कालनेमि’ के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने सेलाकुई क्षेत्र से एक बांग्लादेशी नागरिक को गिरफ्तार किया है, जो अपनी असली पहचान छिपाकर लंबे समय से अवैध रूप से भारत में रह रहा था। आरोपी खुद को बंगाली डॉक्टर बताकर स्थानीय स्तर पर क्लिनिक चला रहा था।

एसएसपी को मिली गुप्त सूचना पर लोकल इंटेलिजेंस यूनिट (एलआईयू) सहसपुर की टीम ने आरोपी को कैंचीवाला धूमनगर चौक से हिरासत में लिया। शुरू में उसने अपना नाम अमित कुमार, पश्चिम बंगाल निवासी बताया, लेकिन सख्ती से पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि उसका असली नाम चयन अधिकारी है और वह मूल रूप से जेसोर, बांग्लादेश का निवासी है।

पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी वर्ष 2017-18 में बेनापोल बॉर्डर से पासपोर्ट के जरिए भारत आया और संभल (उत्तर प्रदेश) में अपने ताऊ के पास रहकर मेडिकल प्रैक्टिस सीखी। बाद में फर्जी आधार, पैन कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस बनवा लिए। वर्ष 2022 में ताऊ की मृत्यु के बाद उसने अपना बांग्लादेशी पासपोर्ट जला दिया और अलग-अलग जगहों पर भारतीय पहचान से रहकर क्लिनिक चलाता रहा।

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गिरफ्तार आरोपी की उम्र लगभग 27 वर्ष है। उसके खिलाफ थाना सेलाकुई में विदेशी अधिनियम की धारा 14 सहित भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। फिलहाल एलआईयू, स्पेशल ब्रांच, एसओजी, स्थानीय पुलिस और आईबी संयुक्त रूप से उससे पूछताछ कर रही हैं।

पुलिस के अनुसार बरामद दस्तावेजों के नेटवर्क और उसके संपर्कों की गहन जांच की जा रही है। प्रारंभिक पूछताछ में यह साफ हुआ है कि आरोपी ने योजनाबद्ध तरीके से भारत में रहकर फर्जी पहचान बनाई और अवैध गतिविधियों में लिप्त रहा। दून पुलिस का यह ऑपरेशन ‘कालनेमि’ बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

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