UTTARAKHAND

नया जोशीमठ बसाएगी उत्तराखंड सरकार, 130 परिवारों को स्थायी तौर पुनर्वासित करने का लिया निर्णय

जोशीमठ के प्रभावितों में से 130 परिवारों को पीपलकोटी में स्‍थायी तौर पर पुनर्वासित करने का निर्णय लिया है. बहुत से फैब्रिकेटेड बनाए जाएंगे. एक सप्ताह में तैयार मॉडल दिखाकर आगे काम किया जाएगा.

जोशीमठ आपदा पर राज्‍य सरकार ने जोशीमठ के प्रभावितों में से 130 परिवारों को पीपलकोटी में स्‍थायी तौर पर पुनर्वासित करने का निर्णय लिया है. बहुत से फैब्रिकेटेड बनाए जाएंगे. एक सप्ताह में तैयार मॉडल दिखाकर आगे काम किया जाएगा. सीबीआरआई के द्वारा बताया गया है पीपलकोटी में जो जमीन देखी गई है वह भूमि सही है.पीपलकोटी में 130 परिवारों के लिए जगह है.  सीबीआरआई लीड एजेंसी है उसका काम चलता रहेगा. गौर हो कि जोशीमठ में साढे 800 से ज्यादा प्रभावित परिवार राहत शिविरों में ठहराए गए हैं.  वहीं  असुरक्षित हो चुके घरों से परिवारों को सुरक्षित स्‍थानों पर ले जाने का क्रम अभी भी जारी है. दरारों के कारण जेपी कालोनी के 15 भवनों तोड़ने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.

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जांच एजेंसियों के लिए समय सीमा तयजोशीमठ में भूधंसाव के कारणों का पता लगाने और उपचार की दिशा तय करने के लिए आइआइटी रुड़की, सीबीआरआइ, वाडिया भूविज्ञान संस्‍थान और जीएसआइ समेत आठ एजेंसियां अध्‍ययन में जुटी हुई हैं. मंगलवार को राज्‍य सरकार ने इन सभी की जांच रिपोर्ट के लिए समय सीमा तय कर दी है. जोशीमठ के भविष्‍य को लेकर किसी निष्‍कर्ष तक पहुंचने के लिए सरकार ने यह कदम उठाया है.वर्तमान में भूधंसाव को लेकर जोशीमठ क्षेत्र की दशा-दिशा तय करने की चुनौती सामने है. इतिहास पर नजर डालें तो सामने आता है कि यह पूरा क्षेत्र वर्ष 1970 में बड़ी त्रासदी झेल चुका है.

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