UTTARAKHAND

उत्तरकाशी एवलॉन्च: चमत्कार की उम्मीद कर रहे थे पिता, इकलौते बेटे के शव को देखकर फूट-फूटकर रोए परिजन

द्रौपदी डांडा टू में एवलॉन्च हादसे में मारे गये 4 लोगों के शवों को शुक्रवार को उत्तरकाशी लाया गया. जहां सभी शवों का पंचनामा भरकर पीएम किया गया.

द्रौपदी डांडा टू में एवलॉन्च हादसे में मारे गये 4 लोगों के शवों को शुक्रवार को उत्तरकाशी लाया गया. जहां सभी शवों का पंचनामा भरकर पीएम किया गया.  इस हादसे में इकलौते बेटे शिवम कैंथला की मौत से उसके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. शिवम के पिता संतोष कैंथला हादसे की खबर मिलते परिजनों के साथ उत्तरकाशी पहुंचे थे. वह बेटे को गांव ले जाने आए थे, लेकिन उन्हें अब उसका शव लेकर गांव नारकंडा लौटना पड़ रहा है. इकलौते बेटे शिवम कैंथला की मौत से उसके परिवार का रो-रो के बुरा हाल है. जिस कलेजे के टुकड़े से घर में चारों तरफ खुशी चहकती रहती थी, वह सिर्फ यादों में सिमटकर रह गया है.

हिमाचल प्रदेश के नारकंडा गांव के सेब बागवान संतोष कैंथला का शिवम कैंथला इकलौता बेटा था जो द्रौपदी का डांडा-2 हिमस्खलन की चपेट में आने वाले निम के एडवांस माउंटेनियरिंग कोर्स में शामिल था. बीते मंगलवार को हादसे के बाद जब परिवार को शिवम के लापता होने की सूचना मिली तो वह अगले ही दिन सुबह उत्तरकाशी पहुंच गए. उन्हें एक चमत्कार की उम्मीद थी कि उनका बेटा सहित दल के अन्य सदस्य सकुशल लौट आएंगे लेकिन ऐसा नहीं हुआ. शुक्रवार को हर्षिल से उत्तरकाशी लाए गए चार में से दो शवों की शिनाख्त हो चुकी थी. जब शेष दो शवों की शिनाख्त हुई तो एक शव शिवम कैंथला का निकला  तकदीर का खेल देखिए जिस बेटे के लिए पिता ने बड़े-बड़े सपने देखे थे, उस बेटे की अर्थी लेकर पिता को गांव लौटना पड़ा.

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