UTTARAKHAND

किराएदार रखने वाले मकान मालिक ध्यान दें, उत्तराखंड पुलिस एक्ट में होगा संशोधन..सख्‍त होंगे नियम

प्रदेश में बाहर से आकर यहां किराएदार व छात्रों के रूप में रहने वालों की पहचान सुनिश्चित की जाएगी. इसकी बड़ी जिम्मेदारी इन्हें अपने किराये पर रखने वाले मकान मालिक की होगी. इसके लिए उत्तराखंड पुलिस एक्ट में संशोधन किया जाएगा.

अगर आप उत्तराखंड में रहते हैं और दूसरे राज्य से आकर यहां किराए पर रह रहे हैं तो ये खबर आपके ​लिए जरुरी है. साथ ही जिन भी मकान मालिक के घर पर बाहरी राज्यों के लिए लोग किराए पर रह रहे हैं, तो आपको भी ये सावधान होना जरुरी है. नहीं तो आप पर उत्तराखंड पुलिस कार्रवाई कर सकती है. प्रदेश में बाहर से आकर यहां किराएदार व छात्रों के रूप में रहने वालों की पहचान सुनिश्चित की जाएगी. इसकी बड़ी जिम्मेदारी इन्हें अपने किराये पर रखने वाले मकान मालिक की होगी. इसके लिए उत्तराखंड पुलिस एक्ट में संशोधन किया जाएगा. पुलिस मुख्यालय द्वारा इस संबंध में प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है, जिसे जल्द कैबिनेट के सम्मुख लाने की तैयारी है. वहीं खुफिया एजेंसियों की जांच में भी यह बात सामने आई है कि उत्तराखंड अब उत्तर प्रदेश व आसपास के राज्यों के अपराधियों के लिए एक सुरक्षित शराणस्थली बन रहा है. अवांछित तत्व व अपराधी यहां गलत तरीके से न रह सकें, इसके लिए अब पुलिस एक्ट में संशोधन की तैयारी चल रही है.

यह भी पढ़ें -  उत्तराखंड प्रीमियर लीग के उद्घाटन समारोह में B Praak देंगे लाइव परफॉर्मेंस, सभी मैचों में मिलेगी free entry

इसमें कामकाजी किरायेदार व छात्रों को परिभाषित किया जाएगा. इसके साथ ही मकान मालिकों व व्यवसायियों की जिम्मेदारी भी तय की जाएगी. अभी पुलिस एक्ट की धारा 53 (3) में व्यवस्था है कि मकान मालिक व व्यवसायी अपने यहां रहने वाले किरायेदारों व मजदूरों के संबंध में एक तय फार्मेट बनाकर पुलिस को देते हैं, जो सत्यापन का आधार बनता है. अब व्यवस्था यह की जा रही है कि मकान मालिकों व व्यवसायियों को अपने यहां रहने वाले व काम करने वालों के संबंध में शपथ पत्र देना होगा. इसके साथ ही उनके दस्तावेज भी जमा कराने होंगे. छात्र होने की स्थिति में उसकी आइडी, कामकाजी होने वाले की स्थिति में उसके कार्यालय से मिला पहचान पत्र व मजदूरों के संबंध में आधार कार्ड आदि भी जमा कराना होगा. इनके सही पाए जाने का शपथ पत्र भी वे देंगे. सूत्रों की मानें तो इस प्रस्ताव पर शासन में मंथन हो चुका है अब इसे स्वीकृति के लिए कैबिनेट के सम्मुख लाया जाएगा.

Back to top button