UTTARAKHAND

MDDA ने कर डाली ये बड़ी कार्यवाई

आपके द्वारा उपरोक्त स्थल पर लगभग 50 बीघा भूमि पर अवैध प्लाटिंग हेतु सी०सी० सडक का निर्माण एवं प्लाटिंग का चिन्हीकरण किया गया है अनाधिकृत निर्माण करने के कारण प्राधिकरण द्वारा उत्तराखण्ड (उ०प्र० नगर योजना एंव विकास अधिनियम 1973) संशोधन अधिनियम 2009, की सुसंगत धाराओं अन्तर्गत कारण बताओ एंव स्थल पर अवैध निर्माण कार्य को रोकने हेतु नोटिस निर्गत करते हुये वाद सं० सी-0021/एस-सहसपुर /2024 योजित किया गया था।

उपरोक्त वाद में दिनांक 25.01.2024 को उत्तराखण्ड (उत्तर प्रदेश नगर योजना एवं विकास अधिनियम 1973) संशोधन अधिनियम, 2009, की धाराओं के अन्तर्गत आपको “कारण बताओ नोटिस एवं निर्माण कार्य रोकने की सूचना प्रेषित की गयी। जिसे स्थल पर दिनांक 02.02.2024 को तामिल कराया गया।

 

उक्त नोटिस के द्वारा आपको अवगत कराया गया कि, आप द्वारा किये जा रहे उपरोक्त अनाधिकृत निर्माण में अपना पक्ष प्रस्तुत करने हेतु दिनांक 03.02.2024 की तिथि नियत की गयी, नियत तिथि पर विपक्षी अनुपस्थित रहे, इसी क्रम में विपक्षी को कार्यायल पत्राक 8523 दिनांक 20.2.2024 के द्वारा अनाधिकृत निर्माण को ध्वस्त करने हेतु कारण बताओ नोटिस निर्गत करते हुए सुनवाई हेतु दिनांक 24.02.2024 की तिथि नियत की गयी नियत तिथि पर विपक्षी अनुपस्थित रहें। इससे प्रतीत होता है कि विपक्षी द्वारा जानबूझ कर नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है, जो कि न्यायोचित नही है।

अतः चालान शुदा अनाधिकृत निर्माण मे ध्वस्तीकरण कार्यवाही के अतिरिक्त कोई अन्य विकल्प शेश नहीं रह जाता है। इसी क्रम में आपके द्वारा किये गये चालान शुदा अनाधिकृत निर्माण/प्लॉटिंग को ध्वस्त किये जाने के आदेश पारित किये जाते है।

यह भी पढ़ें -  यूसर्क द्वारा देवभूमि उत्तराखंड विश्वविद्यालय में "USERC Centre of Excellance in Bioinformatics" का उद्घाटन

-आदेश-

अतः श्री सतीश अग्रवाल छरबा सहसपुर देहरादून द्वारा उपरोक्त वर्णित पते / स्थल पर लगभग 50 बीघा भूमि पर अवैध प्लाटिंग हेतु सी०सी० सडक का निर्माण एवं प्लाटिंग का चिन्हीकरण किया गया है अनाधिकृत निर्माण/प्लाटिंग करने के कारण उत्तराखण्ड (उ०प्र० नगर योजना एंव विकास अधिनियम 1973) संशोधन अधिनियम 2009, की सुसंगत धाराओं का उल्लंघन किया जा रहा है। विपक्षी नोटिस जारी होने के 15 दिन के अन्दर ध्वस्तीकरण कार्यवाही को सम्पादित करते हुऐ इस कार्यालय में अवगत कराये। निर्धारित अवधि में विपक्षी द्वारा उक्त अवैध निर्माण / प्लाटिंग को ध्वस्त न किये जाने की स्थिति में प्राधिकरण द्वारा स्वयं अपने स्तर से ध्वस्तीकरण की कार्यवाही सम्पादित की जायेगी, जिस पर होने वाला सम्पूर्ण हर्जा खर्चा आपसे भू-राजस्व की भांति वसूल किया जायेगा। तद्नुसार सूचित हो।

प्रतिलिपि- 1. सम्बन्धित सहा० / अवर अभियन्ता को इस निर्देश के साथ प्रेषित कि निर्धारित अवधि के उपरान्त उक्त आदेश के अनुपालन में सम्बन्धी आख्या प्रस्तुत करना सुनिश्चित करें ।

 

Back to top button