UTTARAKHAND

बद्रीनाथ धाम में साधु ने हथौड़े से मारकर साथी साधु को उतारा मौत के घाट, धर्मशाला में मिला खून से लथपथ शव

बदरीनाथ धाम क्षेत्र में जमीन बेचने को लेकर हुए विवाद के बाद एक साधु ने साथी साधु के सिर पर हथौड़े से वार कर हत्या कर दी.

बदरीनाथ धाम क्षेत्र में जमीन बेचने को लेकर हुए विवाद के बाद एक साधु ने साथी साधु के सिर पर हथौड़े से वार कर हत्या कर दी. वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी ने साधु का शव कंबल में लपेटकर बेड के नीचे छिपा दिया और कमरे में ताला लगा दिया, लेकिन अगले दिन ही मृतक साधु के नहीं दिखने पर आरोपी का भेद खुल गया. बदरीनाथ थाना पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है. बाबा काली कमली धर्मशाला के मैनेजर पूरण सिंह ने बदरीनाथ थाने में दी तहरीर में बताया कि दोनों साधु कई सालों से बदरीनाथ धाम में रह रहे थे. आरोपी दत्तचैतन धर्मशाला के कुटिया नंबर 14 और मृतक बाबा सुनकरा रामदास 15 नंबर कमरे में रहते थे. दोनों हमेशा साथ रहते और खूब हंसी-मजाक करते थे. घटना से पहले भी दोनों साधु आपस में हंसी मजाक कर रहे थे. दोनों वर्ष 2013 से एक-दूसरे से परिचित थे और तीन साल से साथ रह रहे थे.वह प्रतिवर्ष साधना के लिए बदरीनाथ धाम आते थे. उन्होंने आश्रम बनाने के लिए साझेदारी में गोपेश्वर-चोपता मोटर मार्ग पर मंडल गांव में जमीन खरीदी थी. मलरेडी नवीनरेडी यह जमीन बेचना चाहता था.

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वह सोमवार रात सुनकरा रामदासा के कमरे में था.  इसी दौरान उसने जमीन बेचने का प्रस्ताव रखा, जिसे सुनकर सुनकरा रामदासा भड़क गया और दोनों साधुओं में विवाद शुरू हो गया. इस बीच मलरेडी नवीनरेडी ने कमरे में रखे हथौड़े से सुनकरा रामदासा के सिर पर वार कर दिया. जोरदार प्रहार से साधु लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़ा और उसकी मौके पर ही मौत हो गई. हत्यारोपी साधु ने पुलिस को बताया कि हत्या करने के बाद उसने शव को अपनी चारपाई के नीचे रख दिया. जब धाम में तीर्थयात्री और स्थानीय लोग सो गए तब वह रात करीब डेढ़ बजे अलकनंदा में नहाने पहुंचा. नहाने के बाद वह फिर कमरे में पहुंचा. पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र सिंह डोबाल के अनुसार, आरोपी ने पूछताछ में बताया कि वह जमीन बेचकर अन्य जगह आश्रम बनाने के लिए पैसा जुटाना चाहता था और रामदासा इसमें अड़चन उत्पन्न कर रहा था.

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