UTTARAKHAND

उत्तराखंड सहित देश भर के टाइगर रिजर्वों में रेड अलर्ट जारी,वन कर्मियों की छुट्टियां रद्द

राष्ट्रीय संपदा बाघों का शिकार होने के संकेत मिलने के बाद से केंद्रीय एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं.डब्लूसीसीबी को बाघों के शिकार से संबंधित कुछ संकेत मिले हैं जिसके बाद ये रेड अलर्ट जारी किया गया है.

उत्तराखंड में बाघों को बचाने के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है.दरअसल राष्ट्रीय संपदा बाघों का शिकार होने के संकेत मिलने के बाद से केंद्रीय एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं.डब्लूसीसीबी को बाघों के शिकार से संबंधित कुछ संकेत मिले हैं जिसके बाद ये रेड अलर्ट जारी किया गया है.जानकारों का कहना है कि मानसून के समय देश भर के जंगलों में वन्यजीवों के शिकार से संबंधित घटनाएं बढ़ जाती हैं.इसी क्रम में कुछ दिनों पहले पश्चिम बंगाल और मध्य प्रदेश में सामने आए बाघों के शिकार के मामले के बाद से सभी केंद्रीय एजेंसियां भी सतर्क हैं.केंद्रीय पर्यावरण वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो ने उत्तराखंड समेत देश भर के टाइगर रिजर्व को रेड अलर्ट में रहने को कहा है.डब्लूसीसीबी के अतिरिक्त निदेशक एचडी गिरीशा की ओर से रेड अलर्ट किया गया है.

उत्तराखंड में कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक धीरज पांडे और राजाजी टाइगर रिजर्व के निदेशक साकेत बडोला ने केंद्रीय एजेंसी की तरफ से रेड अलर्ट जारी किए जाने की पुष्टि की है.दरअसल डब्लूसीसीबी को शिकारी गिरोह के सक्रिय होने की जानकारियां मिली है.बीते दिनों हुई घटनाओं को ध्यान में रखते हुए सभी टाइगर रिजर्व के फील्ड निदेशक और बाघ अभयारण्यों के बाहरी क्षेत्रों में कार्यरत अधिकारियों को सावधान रहने को कहा गया है.कहा गया है कि विभिन्न टाइगर रिजर्व के आसपास संगठित शिकारी गिरोह कभी भी सक्रिय हो सकते हैं.सतर्क रहें।टाइगर रिजर्व से संबंधित सभी फील्ड अधिकारियों और निदेशकों को तत्काल गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं.चिन्हित संवेदनशील क्षेत्रों में सघन चेकिंग अभियान चलाया जाएगा.टेंट इत्यादि में रह रहे लोगों का सत्यापन करने के निर्देश जारी हुए हैं.मंदिर रेलवे स्टेशन और बस स्टेशन व सार्वजनिक आश्रम स्थलों में संदिग्ध लोगों की जांच करने को भी कह दिया गया है.इस काम में स्थानीय पुलिस थानों की मदद भी ली जाएगी.

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