देहरादून: उत्तराखंड में पिछले दो दिनों से जारी चिलचिलाती गर्मी के बीच मौसम विज्ञान केंद्र (IMD) ने एक बार फिर करवट बदलने की चेतावनी दी है। आज, 15 अप्रैल की रात से एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित करने जा रहा है। इसके प्रभाव से उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग और पिथौरागढ़ जैसे ऊंचाई वाले जिलों में 16 से 18 अप्रैल के बीच हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी की संभावना है। विभाग ने इन जिलों के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी करते हुए वज्रपात और तेज हवाओं (30-40 किमी/घंटा) की चेतावनी दी है।
पर्वतीय क्षेत्रों में तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे सुबह और शाम की ठंड बढ़ जाएगी। देहरादून और हरिद्वार जैसे मैदानी इलाकों में भी आंशिक रूप से बादल छाए रहने और धूल भरी आंधी चलने का अनुमान है। यह मौसमी बदलाव चारधाम यात्रा की अंतिम तैयारियों में जुटे कर्मियों के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है, विशेषकर केदारनाथ में जहाँ अभी भी कुछ रास्तों से बर्फ हटाने का काम चल रहा है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यह बारिश वनाग्नि (Forest Fire) की घटनाओं को कम करने में मददगार साबित होगी, जो पिछले एक सप्ताह से राज्य के जंगलों को झुलसा रही थी। हालांकि, किसानों के लिए यह चिंता का विषय है क्योंकि गेहूं की कटाई का काम जोरों पर है। आपदा प्रबंधन विभाग ने यात्रियों और स्थानीय निवासियों को खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने और संवेदनशील पहाड़ी रास्तों पर भूस्खलन (Landslides) के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी है।
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