बद्रीनाथ: भगवान बद्री विशाल के कपाट आज सुबह 6:15 बजे ग्रीष्मकाल के लिए आधिकारिक रूप से खोल दिए गए हैं। कपाट खुलने के ऐतिहासिक क्षण का गवाह बनने के लिए लगभग 15,000 श्रद्धालु धाम में मौजूद रहे, जिससे पूरा वातावरण ‘जय बद्री विशाल’ के नारों से गुंजायमान हो उठा। मंदिर के मुख्य पुजारी (रावल) ने विधि-विधान के साथ कपाट खोले। परंपरा के अनुसार, मंदिर के भीतर वर्ष की पहली ‘महाभिषेक’ पूजा देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी(prime minister narendra modi) के नाम से संपन्न की गई। कपाट खुलने के बाद श्रद्धालुओं ने अखंड ज्योति के दर्शन किए, जो सर्दियों के छह महीनों के दौरान मंदिर के भीतर जलती रहती है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (chief minister pushkar singh dhami) स्वयं इस अवसर पर मौजूद रहे। उन्होंने भगवान बद्रीनाथ (badrinath) के दर्शन किए और राज्य व राष्ट्र की समृद्धि के लिए प्रार्थना की। उन्होंने मंदिर परिसर में स्थित लक्ष्मी मंदिर और आदि शंकराचार्य की गद्दी के भी दर्शन किए। कपाट खुलने के साथ ही अब उत्तराखंड के चारों धाम (यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ) श्रद्धालुओं के लिए पूरी तरह से सक्रिय हो गए हैं।
वहीं भारी भीड़ के चलते बद्रीनाथ हाईवे पर जोशीमठ से बद्रीनाथ के बीच कई स्थानों पर यातायात का दबाव देखा गया। श्रद्धालुओं ने शिकायत की है कि पंजीकरण की भारी संख्या के बावजूद सड़क किनारे शौचालय और विश्राम स्थलों की संख्या अभी भी पर्याप्त नहीं है।















