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रुड़की: 6 साल की मासूम और उसकी मां को अपनी हवस का शिकार बनाने वाले दरिंदों को पुलिस ने ऐसे दबोचा

चलती कार में महिला और उसकी 6 साल की बेटी के साथ हैवानियत करने वाले 5 आरोपियों को उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर और सहारनपुर से गिरफ्तार किया गया है।

हरिद्वार: बीती 24 जून को रुड़की में एक चलती कार में महिला और उसकी 6 साल की बेटी के साथ हैवानियत कर 5 आरोपी फरार हो गए थे। अब पुलिस ने इस वारदात को अंजाम देने वाले पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इन आरोपियों को उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर और सहारनपुर से गिरफ्तार किया गया है। पकड़े गए आरोपी उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर, देवबंद और उत्तराखंड के रुड़की क्षेत्र के रहने वाले हैं। इधर, अस्पताल में भर्ती पीड़ित मां बेटी की हालत ठीक बताई जा रही है। इनके पास से पुलिस को एक ऑल्टो कार और दो बाइक बरामद हुई हैं।

बता दें कि इसी महीने 24-25 जून की दरमियानी रात को एक छह साल की मासूम बच्ची और उसकी मां के साथ सामूहिक दुष्कर्म की घटना घटी तो पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया था। पीड़ित महिला ने पूछताछ में सोनू नाम के एक युवक का नाम लिया था। इसके अलावा पुलिस के पास कोई सुराग नहीं था। पुलिस उप महानिरीक्षक (DIG) योगेंद्र सिंह रावत ने बताया कि सामूहिक दुष्कर्म की घटना की जांच के लिए चार अलग-अलग टीमों के साथ विशेष अभियान दल (SOG) की टीम को लगाया गया था।

घटना के दिन महिला और उसकी बेटी को सोनू नाम के युवक ने अपनी बाइक से कलियर से लिफ्ट देने के लिए बैठाया था। रास्ते में उसने महिला को सुनसान जगह पर ले जाकर उससे रेप किया। इस दौरान ऑल्टो कार सवार चार लोग वहां पहुंचे जिन्हें देखकर सोनू वहां से भाग गया। कार सवार लोगों ने महिला और उसकी बेटी को जबरन गाड़ी में बैठाया और मुख्य रास्ते से अंदर की ओर खेतों में ले जाकर गैंगरेप किया। बच्चे की चीख-पुकार सुनकर महिला ने उसे बचाने का प्रयास किया, जिसके बाद अभियुक्त मां बेटी को वहीं पर छोड़कर फरार हो गए थे।

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घटना के संबंध में महिला केवल एक आरोपी सोनू का नाम बता सकी थी। इसके बाद पुलिस को एक सफेद रंग की ऑल्टो कार का पता चला। गिरफ्तारियों का खुलासा करते हुए एसएसपी योगेंद्र रावत ने हरिद्वार में कहा कि पिछले 6 दिनों से लगातार पुलिस टीमें पड़ताल कर रही थीं। क्षेत्र और आसपास के करीब 250 सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए। 200 से ज़्यादा लोगों से पूछताछ की गई, तब जाकर पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी कर सकी। डीआईजी योगेंद्र सिंह रावत ने सामूहिक दुष्कर्म मामले का खुलासा करने वाली टीम को 50 हजार रुपये का पुरस्कार देने का एलान किया है।

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