UTTARAKHAND

उत्तराखंड में यहाँ नदी में मलबा गिरने से झील बनी मुसीबत, चमोली जिले को बड़ा खतरा

कुवारी गांव में लगातार हो रहे भूस्खलन से शंभू नदी में झील बनने का सिलसिला और तेज हो गया है. यह झील बागेश्वर सहित चमोली जनपद के कई गांवों को नुकसान हो सकता है.

बागेश्‍वर जिले हो रही बारिश से पिंडर नदी की सहायक शंभू नदी पर झील बन रही है. कुवारी गांव में लगातार हो रहे भूस्खलन से शंभू नदी में झील बनने का सिलसिला और तेज हो गया है. यह झील बागेश्वर सहित चमोली जनपद के कई गांवों को नुकसान हो सकता है. झील बनने की सूचना पर प्रशासन अलर्ट हो गया है. शंभू नदी में भूस्खलन के कारण झील बन गई है. जिससे नीचे बसे गांवों को खतरा हो गया है. राजस्व उप निरीक्षक संजय कुमार को किलपारा के सरपंच बसंत देव ने फोन से झील बनने की जानकारी दी है.

झील बनने की सूचना मिलने पर जिलाधिकारी अनुराधा पाल के निर्देश के बाद सिंचाई विभाग के कर्मचारी मौके के लिए रवाना हो गए हैं. उनके मौके पर पहुंचने के बाद ही झील का मुहाना खोला जाएगा. सिंचाई विभाग के ईई पान सिंह बिष्ट ने बताया कि विभाग के ईई जेई तरुण लुमियाल समेत अन्य कर्मचारी भेजे गए हैं.विदित हो कि बागेश्वर जिले में 2013 से कुंवारी गांव में भूस्खलन हो रहा है. तब से मलबा सीधे शंभू नदी पर गिर रहा है. जिससे वहां बीते वर्ष की भांति झील बन गई है. कपकोट स्थित शंभू बुग्याल से निकलकर कुवारी गांव से शंभू नदी चमोली की तरफ जाती है. 2013 में आई आपदा और लगातार भूस्खलन से नदी पर वी आकार की झील बन गई थी. तब झील की लंबाई 500 मीटर से अधिक बताई गई.

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