UTTARAKHAND

उत्तराखंड के टॉपर छात्रों को मिलेगी 1 लाख की छात्रवृत्ति

टॉप-100 छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए मिलेगी ₹1 लाख की वार्षिक छात्रवृत्ति; ग्रामीण प्रतिभाओं पर विशेष फोकस

देहरादून: हाल ही में घोषित उत्तराखंड बोर्ड (UBSE) के परीक्षा परिणामों के बाद, राज्य सरकार ने मेधावी छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ‘मुख्यमंत्री मेधावी छात्र प्रोत्साहन योजना’ के विस्तार की घोषणा की है। इस योजना के तहत हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की मेरिट सूची में आने वाले प्रदेश के शीर्ष 100 छात्रों को अब उच्च शिक्षा (ग्रेजुएशन और प्रोफेशनल कोर्सेज) के लिए प्रति वर्ष ₹1 लाख की छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी।

शिक्षा विभाग ने जानकारी दी है कि इस वर्ष ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों ने शहरी क्षेत्रों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया है, जिसे देखते हुए छात्रवृत्ति का 60% हिस्सा ग्रामीण परिवेश के छात्रों के लिए आरक्षित रखा गया है। इसके अतिरिक्त, जो छात्र टॉप-100 में नहीं आ सके लेकिन 80% से अधिक अंक प्राप्त किए हैं, उन्हें राज्य के सरकारी कॉलेजों में प्रवेश के लिए विशेष काउंसलिंग और फीस में छूट दी जाएगी। शिक्षा मंत्री ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य उत्तराखंड के मेधावी युवाओं को राज्य के भीतर ही बेहतर अवसर प्रदान करना है ताकि प्रतिभा पलायन को रोका जा सके।

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शिक्षाविदों ने इस कदम की सराहना की है, लेकिन साथ ही यह भी सुझाव दिया है कि केवल टॉपर्स पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय सरकार को उन 15% छात्रों के लिए भी ब्रिज कोर्स (Bridge Course) शुरू करने चाहिए जो इस वर्ष अनुत्तीर्ण हुए हैं। आलोचकों का मानना है कि छात्रवृत्ति की राशि का वितरण समय पर होना सुनिश्चित करना सबसे बड़ी चुनौती है, क्योंकि पूर्व की कई योजनाओं में फंड मिलने में देरी की शिकायतें आम रही हैं।

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