देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में नर्सिंग भर्तियों में वर्षवार नियुक्तियों को लेकर सोमवार को उत्तराखंड महिला कांग्रेस की अध्यक्ष ज्योति रौतेला नर्सिंग छात्रों की मांगों के समर्थन में एक पानी की टंकी पर चढ़ गईं। प्रदर्शन को 159 दिन पूरे हो चुके हैं। लंबे समय से प्रदर्शनकारी वर्षवार नियुक्तियों (Seniority-based recruitment) की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सरकार बैकलॉग पदों को भरने में देरी कर रही है, जिससे सैकड़ों पात्र युवाओं का भविष्य अधर में लटका हुआ है।
अभी तक दोनों पक्षों में समझौता नहीं हो पाया है। प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि वे कई बार स्वास्थ्य महानिदेशालय और शासन स्तर पर वार्ता कर चुके हैं, लेकिन उन्हें केवल आश्वासन ही मिल रहे हैं। कांग्रेस नेताओं ने सरकार पर युवाओं के प्रति संवेदनहीन होने का आरोप लगाया है और चेतावनी दी है कि यदि नियुक्तियों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को पूरे प्रदेश में विस्तार दिया जाएगा।
न्याय में देरी नहीं बनेगी जेल में रहने का कारण, सुप्रीम कोर्ट के नए निर्देश
इस तरह के ‘टैंक प्रदर्शनों’ को प्रशासन ने सुरक्षा की दृष्टि से गंभीर माना है। नागरिक समाज के कुछ वर्गों का तर्क है कि राजनीतिक दलों द्वारा युवाओं के मुद्दों का इस्तेमाल ‘शक्ति प्रदर्शन’ के लिए किया जाता है, जिससे मूल समस्या का समाधान निकलने के बजाय कानून-व्यवस्था पर दबाव बढ़ता है। विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार को नर्सिंग कैडर की नियमावली में स्पष्टता लानी चाहिए ताकि हर साल होने वाले इस तरह के विवादों को स्थायी रूप से खत्म किया जा सके।
















