पश्चिम बंगाल के नवनियुक्त मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी(Suvendu Adhikari) आज राज्य के प्रशासनिक मुख्यालय ‘नबन्ना’ में अपनी पहली कैबिनेट बैठक की अध्यक्षता करेंगे। शनिवार को शपथ लेने के बाद, मुख्यमंत्री आज अपने पांच कैबिनेट मंत्रियों को पोर्टफोलियो आवंटित करेंगे। सूत्रों के अनुसार, नई सरकार का पहला बड़ा फैसला पिछली सरकार के दौरान महिलाओं के खिलाफ हुए कथित अत्याचारों की जांच के लिए विशेष आयोगों का गठन करना हो सकता है। आज की बैठक के बाद मुख्यमंत्री जिला मजिस्ट्रेटों और राज्य पुलिस के शीर्ष अधिकारियों (DG और कोलकाता पुलिस कमिश्नर) के साथ भी प्रशासनिक बैठकें करेंगे।
मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) में पहले ही बड़े बदलाव किए जा चुके हैं, जिसमें कई वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों का तबादला किया गया है। सुवेंदु अधिकारी ने पदभार संभालते ही “सोनार बांग्ला” के पुनर्निर्माण का संकल्प दोहराया है और शिक्षा व संस्कृति के क्षेत्रों में सुधार को अपनी प्राथमिकता बताया है। प्रशासन में इस बदलाव को राज्य में ‘डबल इंजन’ सरकार की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।
जहाँ भाजपा समर्थक इस नई शुरुआत को “विकास का ऐतिहासिक उदय” बता रहे हैं, वहीं पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपनी सोशल मीडिया प्रोफाइल अपडेट कर हार स्वीकार करने के संकेत तो दिए हैं, लेकिन उनके समर्थकों ने चुनाव आयोग की भूमिका पर अब भी सवाल उठाए हैं। टीएमसी के कुछ नेताओं ने भवानीपुर सीट पर हार के अंतर और मतगणना की प्रक्रिया को लेकर कानूनी चुनौती देने की बात कही है। आलोचकों का मानना है कि नई सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती राज्य की नौकरशाही के साथ तालमेल बिठाना और बिना किसी राजनीतिक प्रतिशोध के विकास कार्यों को आगे बढ़ाना होगा।















