देहरादून/गैरसैंण: उत्तराखंड सरकार ने एक बड़ा राजनीतिक संदेश देते हुए आगामी बजट सत्र को राज्य की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण (भराड़ीसैंण) में आयोजित करने का निर्णय लिया है। आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, यह सत्र 9 मार्च से शुरू होकर 13 मार्च तक चलेगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, जिनके पास वित्त मंत्रालय का प्रभार भी है, 11 मार्च को राज्य का वार्षिक बजट पेश करेंगे। सत्र की शुरुआत राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) के अभिभाषण से होगी।
सत्र के दौरान सरकार बुनियादी ढांचे, पर्यटन और स्वरोजगार पर केंद्रित नई योजनाओं की घोषणा कर सकती है। गैरसैंण में सत्र आयोजित करने के पीछे सरकार का तर्क है कि इससे पहाड़ी क्षेत्रों के विकास को प्राथमिकता मिलेगी और स्थानीय लोगों का शासन पर भरोसा बढ़ेगा। पिछले साल मरम्मत कार्यों के चलते सत्र देहरादून में करना पड़ा था, लेकिन इस बार भराड़ीसैंण विधानसभा भवन पूरी तरह तैयार है।
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हालांकि, विपक्ष ने इस कदम को केवल “प्रतीकात्मक राजनीति” करार दिया है। कांग्रेस का कहना है कि सत्र की अवधि बेहद कम (मात्र 5 दिन) है, जिससे जनता के ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा नहीं हो पाएगी। स्थानीय निवासियों में भी इस बात को लेकर नाराजगी है कि केवल सत्र के दौरान ही गैरसैंण को राजधानी का दर्जा मिलता है, जबकि बाकी साल यह क्षेत्र सुविधाओं के लिए तरसता रहता है।
















