ऋषिकेश: ऋषिकेश की पहचान और गंगा पर बने ऐतिहासिक रामझूला पुल के सुदृढ़ीकरण का काम अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है। लोक निर्माण विभाग (PWD) ने पुल के सस्पेंडर्स वायर को ठीक करने के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली है। लगभग 11 करोड़ रुपये की लागत से हो रही इस मरम्मत के बाद, पुल को दोपहिया वाहनों के लिए फिर से खोलने की योजना है। पिछले काफी समय से सुरक्षा कारणों से इस पुल पर आवाजाही प्रतिबंधित थी, जिससे स्थानीय निवासियों और पर्यटकों को काफी परेशानी हो रही थी।
अधिकारियों के अनुसार, मार्च महीने में मरम्मत का सबसे महत्वपूर्ण चरण शुरू होगा, जिसके दौरान पुल को कुछ समय के लिए पूरी तरह से सील करना पड़ेगा। वर्तमान में पुल के टावरों और मुख्य केबलों की जांच का काम पूरा हो चुका है। विभाग का प्रयास है कि चारधाम यात्रा शुरू होने से पहले पुल को पैदल यात्रियों और दोपहिया वाहनों के लिए पूरी तरह सुरक्षित बना दिया जाए।
9 मार्च से शुरू होगा गैरसैंण में बजट सत्र
स्थानीय व्यापारियों ने मरम्मत कार्य में हो रही देरी की आलोचना की है। उनका कहना है कि रामझूला पुल बंद होने से मुनि की रेती और लक्ष्मण झूला क्षेत्र के व्यापार पर भारी असर पड़ा है। लोगों का आरोप है कि प्रशासन वैकल्पिक मार्गों को दुरुस्त करने में विफल रहा है, जिससे आए दिन ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रहती है। व्यापारियों ने सरकार से मांग की है कि यात्रा सीजन से पहले हर हाल में काम पूरा किया जाए।
















