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धामी कैबिनेट ने उत्तराखंड फिल्म नीति 2024 को दी मंजूरी, क्षेत्रीय फिल्मों को मिलेगी दो करोड़ तक की सब्सिडी

उत्तराखंड सरकार प्रदेश में फिल्म शूटिंग को बढ़ावा दिए जाने को लेकर नई पॉलिसी 'उत्तराखंड फिल्म नीति 2024' तैयार कर रही है.

उत्तराखंड सरकार प्रदेश में फिल्म शूटिंग को बढ़ावा दिए जाने को लेकर नई पॉलिसी ‘उत्तराखंड फिल्म नीति 2024’ तैयार कर रही है. जिसके जरिए उत्तराखंड में शूट होने वाली सभी फिल्मों को भारी भरकम सब्सिडी दी जाएगी. आज हुई धामी सरकार की कैबिनेट बैठक में उत्तराखंड फिल्म नीति को मंजूरी दे दी है. नई फिल्म नीति में 3T यानी टैलेंट, टेक्नोलॉजी और ट्रेनिंग पर विशेष रूप से ध्यान दिया गया है. ये नीति फिल्म निर्माता को प्रदेश में शूटिंग के लिए आकर्षित करेगी. यही नहीं, प्रदेश के स्थानीय कलाकारों और टेक्निशियन को प्रोत्साहित करने के लिए प्रदेश में फिल्म निर्माण को लेकर 360 डिग्री का इकोसिस्टम तैयार किया जाएगा. जिससे बाहरी फिल्म निर्माता के साथ ही स्थानीय फिल्म निर्माता और टेक्निशियन को भी विशेष अवसर मिल सकेंगे. फिल्म नीति में संविधान की आठवीं अनुसूचि में शामिल 22 भाषाओं में फिल्म बनाने वालों को सरकार डेढ़ के बजाए तीन करोड़ और प्रोजेक्ट खर्च का अधिकतम 30 प्रतिशत सब्सिडी देगी. इसकी शर्त ये है कि 75 प्रतिशत शूटिंग उत्तराखंड में करनी होगी. उत्तराखंड की लोकेशन का नाम भी स्क्रीन पर दिखाना होगा.

क्षेत्रीय भाषाओं गढ़वाली, कुमाऊंनी, जौनसारी फिल्में बनाने वालों को अब 25 लाख के बजाए दो करोड़ मिलेंगे. नई लोकेशन पर शूटिंग करने वालों को पांच प्रतिशत अतिरिक्त, उस लोकेशन का नाम स्क्रीन पर दिखाने पर पांच प्रतिशत अतिरिक्त सब्सिडी मिलेगी. विदेशी फिल्मों, जिनका बजट 50 करोड़ या इससे ऊपर हो, उनको  तीन करोड़ या अधिकतम 30 प्रतिशत सब्सिडी मिलेगी. ओटीटी प्लेटफॉर्म, वेब सीरीज, टीवी सीरियल के न्यूनतम 22 एपिसोड बनाने वालों को भी फिल्मों की भांति सब्सिडी में शामिल कर लिया गया है. लघु फिल्म, डॉक्यूमेंट्री, ट्रैवलॉग, ब्लॉग, म्यूजिक वीडियो बनाने वालों को प्रोत्साहन राशि मिलेगी. साथ ही जो छात्र एफटीआई पुणे, एसआरएफटीआई कोलकाता जैसे किसी फिल्म ट्रेनिंग संस्थान में कोर्स करेंगे, उन्हें सामान्य वर्ग को 50 प्रतिशत, एससी, एसटी, ओबीसी को 75 प्रतिशत छात्रवृत्ति सरकार देगी. पर्वतीय क्षेत्रों में सिनेमा ले जाने, प्रॉडक्शन स्टूडियो बनाने वाले और नए मोबाइल थियेटर लगाने वालों को 25 लाख रुपये मिलेंगे. प्रदेश में फिल्म, ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट खोलने वालों को 50 लाख रुपये मिलेंगे.

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