उत्तराखंड

प्रधानमंत्री मोदी का उत्तराखंड दौरा: एक्सप्रेसवे और ऊर्जा परियोजनाओं की सौगात

यात्रा का सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव ₹12,000 करोड़ से अधिक की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण है, जिसमें दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे (NH-727A) का उद्घाटन प्रमुख है।

देहरादून | 13 अप्रैल, 2026

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कल, 14 अप्रैल को अपनी 23वीं उत्तराखंड यात्रा पर पहुँच रहे हैं, जो राज्य के बुनियादी ढांचे और धार्मिक पर्यटन के इतिहास में एक नया अध्याय लिखेगा। इस एक दिवसीय दौरे की शुरुआत एक गहरे आध्यात्मिक संदेश के साथ होगी, जब प्रधानमंत्री देहरादून-सहारनपुर सीमा पर स्थित ऐतिहासिक सिद्धपीठ मां डाट काली मंदिर में शीश नवाएंगे। दोपहर करीब 12:00 बजे प्रस्तावित इस पूजन कार्यक्रम के लिए मंदिर परिसर को देश के विभिन्न हिस्सों से मंगाए गए विशेष फूलों से भव्य रूप से सजाया गया है। यह मंदिर न केवल आस्था का केंद्र है, बल्कि नए एक्सप्रेसवे के प्रवेश द्वार पर स्थित होने के कारण विकास और विरासत के संगम का प्रतीक भी बन गया है, जहाँ प्रधानमंत्री देश की सुख-समृद्धि के लिए विशेष अनुष्ठान करेंगे।

इस यात्रा का सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव ₹12,000 करोड़ से अधिक की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण है, जिसमें दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे (NH-727A) का उद्घाटन प्रमुख है। 210 किलोमीटर लंबा यह 6-लेन कॉरिडोर दिल्ली से देहरादून के सफर को 6.5 घंटे से घटाकर मात्र 2.5 घंटे कर देगा, जो चारधाम यात्रा पर आने वाले करोड़ों तीर्थयात्रियों के लिए एक बड़ी राहत साबित होगा। इस प्रोजेक्ट की वैश्विक स्तर पर चर्चा इसलिए भी है क्योंकि इसमें राजाजी नेशनल पार्क के ऊपर 12 किलोमीटर लंबा एशिया का सबसे बड़ा एलिवेटेड वाइल्डलाइफ कॉरिडोर बनाया गया है, जो पारिस्थितिकी संतुलन को बनाए रखते हुए आधुनिक विकास का अनूठा उदाहरण पेश करता है। इसके साथ ही, प्रधानमंत्री टिहरी में THDC द्वारा विकसित 1,000 मेगावाट क्षमता के देश के पहले ‘वेरिएबल स्पीड पंप स्टोरेज प्लांट’ को राष्ट्र को समर्पित करेंगे, जो भारत की ऊर्जा सुरक्षा और ग्रिड स्थिरता में क्रांतिकारी बदलाव लाएगा।

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प्रधानमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी का उत्तराखंड से रिश्ता हमेशा से ही भावनात्मक और आध्यात्मिक रहा है। अब तक की अपनी 22 यात्राओं के दौरान उन्होंने न केवल 6 बार केदारनाथ धाम के पुनर्निर्माण की निगरानी की है, बल्कि पिछले वर्ष आदि कैलाश और जागेश्वर धाम की यात्रा कर ‘मानसखंड’ को भी नई वैश्विक पहचान दिलाई है। 2019 में केदारनाथ की गुफा में उनके ध्यान से लेकर बद्रीनाथ मास्टर प्लान तक, मोदी ने देवभूमि को अपनी आध्यात्मिक कर्मस्थली के रूप में प्रस्तुत किया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य प्रशासन ने इस दौरे को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं और राजधानी में एक भव्य रोड शो की तैयारी है, जिसमें उत्तराखंड की लोक संस्कृति और वाद्य यंत्रों के साथ प्रधानमंत्री का स्वागत किया जाएगा। यह दौरा 19 अप्रैल से शुरू हो रही चारधाम यात्रा के लिए एक बड़े प्रोत्साहन के रूप में देखा जा रहा है।

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