न्यूज डेस्क: आगामी चारधाम यात्रा 2026 को लेकर उत्तराखंड सरकार ने बड़े बदलावों की तैयारी शुरू कर दी है। अब चारधाम यात्रा के लिए ऑनलाइन पंजीकरण (Online Registration) निःशुल्क नहीं होगा। यात्रा प्रबंधन कमेटी ने पंजीकरण शुल्क का प्रस्ताव शासन को भेज दिया है, जिसे इसी सप्ताह से लागू किए जाने की संभावना है।
देहरादून के जिलाधिकारी सविन बंसल ने यात्रा की तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को 24 घंटे पंजीकरण की सुविधा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन का लक्ष्य 15 अप्रैल तक यात्रियों के लिए सभी बुनियादी सुविधाएं, सुरक्षा और पंजीकरण काउंटरों को पूरी तरह सक्रिय करना है ताकि अंतिम समय में होने वाली भीड़ को नियंत्रित किया जा सके।
मुख्य दिशा-निर्देश और व्यवस्थाएं:
- पंजीकरण की सुगम व्यवस्था: यात्रियों की भारी भीड़ को देखते हुए ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन के लिए ऋषिकेश में 30 और विकासनगर में 20 काउंटर स्थापित किए जाएंगे। इन काउंटरों पर अधिकारियों की तैनाती 24 घंटे सुनिश्चित की गई है।
- श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं: रजिस्ट्रेशन स्थलों पर यात्रियों के ठहरने के लिए पर्याप्त इंतजाम किए जाएंगे। साथ ही, पूरी यात्रा मार्ग पर उन्नत मेडिकल सुविधाओं और स्वास्थ्य केंद्रों की व्यवस्था पर विशेष जोर दिया गया है।
- हाई-टेक ट्रैफिक मैनेजमेंट: इस वर्ष यात्रा मार्ग पर यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए प्रशासन एआई (AI) टेक्नोलॉजी का प्रयोग कर सकता है। इससे रियल-टाइम ट्रैफिक डेटा मिलेगा और जाम की स्थिति से निपटना आसान होगा।
- सख्त निगरानी: बाहरी राज्यों से आने वाले वाहनों पर प्रशासन की पैनी नजर रहेगी। सीमा चौकियों और यात्रा मार्गों पर सुरक्षा व दस्तावेजों की जांच के लिए विशेष टीमें तैनात रहेंगी।
जिलाधिकारी का संदेश: “हमारा लक्ष्य है कि देश-दुनिया से आने वाले किसी भी श्रद्धालु को असुविधा न हो। प्रशासन तकनीक और मुस्तैदी के समन्वय से इस यात्रा को ऐतिहासिक और सुरक्षित बनाएगा।”















