देहरादून: आगामी चारधाम यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए उत्तराखंड प्रशासन ने इस बार आधुनिक तकनीक का सहारा लेने का निर्णय लिया है। देहरादून के जिलाधिकारी सविन बंसल ने समीक्षा बैठक के बाद बताया कि यात्रा मार्गों पर यातायात प्रबंधन के लिए पहली बार ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ (AI) आधारित सिस्टम का प्रयोग किया जा सकता है। इसके साथ ही, ऑफलाइन पंजीकरण के लिए ऋषिकेश में 30 और विकासनगर में 20 नए काउंटर खोले जाएंगे ताकि श्रद्धालुओं को घंटों लंबी लाइनों में न लगना पड़े।
यात्रा इस वर्ष अप्रैल के मध्य में शुरू होने की संभावना है। सरकार का मुख्य फोकस केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम में स्वास्थ्य सेवाओं और ठहरने की क्षमता को बढ़ाना है। परिवहन विभाग ने 2200 बसों के बेड़े को हरी झंडी दे दी है, और यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे भी हरिद्वार तक विशेष ट्रेनें संचालित करेगा।
विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि हिमालयी क्षेत्रों की वहन क्षमता (Carrying Capacity) को नजरअंदाज कर यात्रियों की संख्या बढ़ाना पारिस्थितिक रूप से खतरनाक हो सकता है। पिछली यात्राओं के दौरान ट्रैफिक जाम और कचरा प्रबंधन की समस्याओं को लेकर सरकार की काफी किरकिरी हुई थी। पर्यावरणविदों का कहना है कि तकनीक से ज्यादा जरूरत धरातल पर कड़े नियमों को लागू करने की है।















