उत्तराखंड की विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा 2026 की तारीखों का ऐलान होने के साथ ही शासन और प्रशासन तैयारियों में जुट गया है। इस वर्ष यात्रा की शुरुआत 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया के दिन यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ होगी। केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल और बद्रीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल को श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे। सरकार ने इस वर्ष रिकॉर्ड संख्या में तीर्थयात्रियों के आने की उम्मीद जताई है, जिसके लिए पंजीकरण पोर्टल को जल्द ही लाइव किया जाएगा।
चारधाम यात्रा 2026: एआई (AI) तकनीक से होगा ट्रैफिक प्रबंधन, 50 नए पंजीकरण काउंटर खुलेंगे
सीमा सड़क संगठन (BRO) और लोक निर्माण विभाग (PWD) को यात्रा मार्गों पर जारी पैच वर्क और सुदृढ़ीकरण के कार्यों को 31 मार्च तक हर हाल में पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। विशेष रूप से जोशीमठ के पास धंसाव प्रभावित क्षेत्रों और रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड मार्ग पर संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा दीवारें बनाने का काम प्राथमिकता पर है। सरकार इस बार ‘स्मार्ट कार्ड’ और QR कोड आधारित ट्रैकिंग सिस्टम को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दे रही है।
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स्थानीय तीर्थ पुरोहितों और हक-हकूकधारियों ने यात्रा की तैयारियों की गति पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि हर साल यात्रा से ठीक पहले अफरा-तफरी में काम किया जाता है, जिससे सड़कों की गुणवत्ता प्रभावित होती है। विपक्षी दलों ने भी सरकार को घेरा है कि पिछले वर्षों के अनुभवों से सीख लेते हुए अभी तक पार्किंग और सुलभ शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं का स्थायी समाधान नहीं निकाला गया है।















