नई दिल्ली

दिल्ली बार काउंसिल चुनाव: उत्तराखण्ड के राजपाल सिंह रावत फिर मैदान में

युवा और ऊर्जावान एडवोकेट राजपाल सिंह रावत की दावेदारी से बढ़ी सरगर्मी, विरोधियों के हौसले पस्त

नई दिल्ली। आगामी दिल्ली बार काउंसिल के चुनाव 21, 22 और 23 फ़रवरी को आयोजित किए जाएंगे। हर पाँच वर्ष में होने वाले इस महत्वपूर्ण चुनाव को लेकर अधिवक्ताओं के बीच खासा उत्साह है। वर्ष 2018 के बाद अब एक बार फिर परिषद के 25 सदस्यों के चयन की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है।

दिल्ली बार काउंसिल अधिवक्ताओं के लिए एक महत्वपूर्ण नियामक एवं प्रतिनिधि निकाय (Regulatory and Representative Body) है, जो वकीलों के पंजीकरण, आचार संहिता के पालन और पेशेगत अधिकारों की रक्षा जैसे विषयों पर कार्य करता है। परिषद का गठन 25 सदस्यों द्वारा किया जाता है, जिन्हें दिल्ली में नामांकित अधिवक्ता मतदान के माध्यम से चुनते हैं। चुनाव के बाद मतगणना प्रक्रिया में लगभग एक माह का समय लगता है, जिसके उपरांत परिणाम घोषित किए जाते हैं।

इस बार उत्तराखण्ड से ताल्लुक रखने वाले युवा और ऊर्जावान अधिवक्ता राजपाल सिंह रावत एक बार फिर चुनावी मैदान में हैं। पिछले चुनाव में वे मामूली अंतर से पीछे रह गए थे, लेकिन इस बार वे पहले से अधिक मजबूत तैयारी और व्यापक समर्थन के साथ अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं।

एडवोकेट राजपाल की सशक्त दावेदारी से चुनावी मुकाबला और दिलचस्प हो गया है। अधिवक्ता समुदाय में उनकी सक्रियता, स्पष्ट विचारधारा और जमीनी जुड़ाव के कारण उन्हें व्यापक समर्थन मिलता दिखाई दे रहा है। युवा वर्ग में उनकी विशेष पकड़ मानी जा रही है, वहीं एडवोकेट से लेकर आम लोगों के बीच उनकी लोकप्रियता चर्चा का विषय बनी हुई है।

बताया जा रहा है कि उनकी बढ़ती स्वीकार्यता से विरोधियों के हौसले पस्त पड़ते नजर आ रहे हैं। संगठनात्मक मजबूती और युवा नेतृत्व की छवि के साथ राजपाल सिंह रावत इस बार चुनाव में मजबूत दावेदार के रूप में उभर रहे हैं। अब सभी की निगाहें आगामी परिणामों पर टिकी हैं, जो परिषद के भविष्य की दिशा तय करेंगे।

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